हाँसी/मसूदपुर: बढ़ते हुए बिजली के बिलों से परेशान आम आदमी के लिए केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना का लक्ष्य न केवल लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है, बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों को बिजली उत्पादक (Power Producer) बनाना भी है।
आज हम इस योजना का पूरा गणित समझेंगे, खासकर हमारे इलाके यानी हांसी और मसूदपुर के उपभोक्ताओं के लिए।
1. क्या है पीएम सूर्य घर योजना?
इस योजना के तहत सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए भारी सब्सिडी (छूट) दे रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा 'नेट-मीटरिंग' है, जिससे आपकी बनाई हुई फालतू बिजली सरकारी ग्रिड में जमा हो जाती है।
2. विश्लेषण: बिजली बेचना बेहतर या इस्तेमाल करना?
अक्सर लोग पूछते हैं कि सरकार को बिजली बेचकर कितने पैसे मिलेंगे? यहाँ एक गहरा विश्लेषण है:
बचत का गणित (Self Consumption): अगर आप अपनी बनाई बिजली खुद इस्तेमाल करते हैं, तो आप प्रति यूनिट लगभग ₹7.00 बचा रहे हैं (जो कि हरियाणा में बिजली का औसत रेट है)।
बेचने का गणित (Exporting to Grid): अगर आपकी बिजली फालतू बचती है और आप उसे ग्रिड को भेजते हैं, तो साल के अंत में सरकार उसे लगभग ₹3.00 प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगी।
साफ है कि अपनी बनाई बिजली खुद इस्तेमाल करने में दोगुने से ज्यादा फायदा है। इसलिए सोलर सिस्टम अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही लगवाना चाहिए।
3. 3kW सोलर सिस्टम पर क्या-क्या चलेगा?
अगर आप 3 किलोवाट का सिस्टम लगवाते हैं, तो मसूदपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में एक बड़ा घर आसानी से चल सकता है। इसमें आप:
1.5 टन का एक Inverter AC (दिन के समय)
फ्रिज, पानी की मोटर (1 HP)
5-6 पंखे और सभी LED लाइट्स
TV और वाशिंग मशीन
4. मसूदपुर और हांसी के लिए स्थानीय जानकारी
हमारे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति DHBVN (दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम) द्वारा की जाती है।
नेट मीटरिंग: हांसी सब-डिवीजन में अब नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान कर दिया गया है।
लोकल वेंडर्स: हांसी और हिसार में 'मॉर्डन सोलर' और 'UTL' जैसे कई रजिस्टर्ड वेंडर्स मौजूद हैं जो सब्सिडी का पूरा कागजी काम खुद संभालते हैं।
5. आवेदन कैसे करें?
आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।
अपने बिजली बिल के 'कंज्यूमर नंबर' के साथ रजिस्टर करें।
रजिस्टर्ड वेंडर से कोटेशन लें और इंस्टालेशन करवाएं।
नेट मीटर लगने के 30 दिन के भीतर सब्सिडी आपके बैंक खाते में आ जाएगी।
निष्कर्ष: यदि आप ₹2,000 से ₹3,000 का बिजली बिल भर रहे हैं, तो सोलर पैनल आपके लिए 3-4 साल में अपनी पूरी कीमत वसूल कर देगा। उसके बाद अगले 20-22 साल तक आपको बिल्कुल मुफ्त बिजली मिलेगी।





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