ब्रेकिंग न्यूज़: उत्तम समाचार (UttamSamachar.in) पर आपका स्वागत है! हरियाणा, राजनीति, खेल और देश की ताज़ा खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें। • WhatsApp से जुड़ने के लिए संपर्क करें - 9034176094
kelvinjay के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.
» » तंबाकू पर नया 'हेल्थ सिक्योरिटी सेस': क्या यह नशा मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम है या सिर्फ राजस्व बढ़ाने का जरिया?


 नई दिल्ली/हांसी: वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए तंबाकू उत्पादों पर 'हेल्थ सिक्योरिटी सेस' (Health Security Cess) लगाने की घोषणा की है। 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाला यह नया टैक्स न केवल सिगरेट और बीड़ी को महंगा करेगा, बल्कि पान मसाला और गुटखा इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके को भी बदल देगा।

1. क्या है नया टैक्स ढांचा?

सरकार ने इस बार केवल बेसिक एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ाई है, बल्कि एक नया 'सेस' जोड़ा है। इसके तहत:

सिगरेट: फिल्टर और नॉन-फिल्टर सिगरेट पर उनकी लंबाई के आधार पर 5% से 12% तक का अतिरिक्त सेस लगाया गया है।

पान मसाला और गुटखा: इन पर अब 'उत्पादन क्षमता' (Production Capacity) के आधार पर टैक्स लगेगा। यानी मशीन जितनी तेज़ी से चलेगी, टैक्स उतना ही अधिक होगा। इसे 'ट्रैक एंड ट्रेस' (Track and Trace) प्रणाली से जोड़ा गया है ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके।

बीड़ी: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देखते हुए बीड़ी पर मामूली 2% की बढ़ोतरी की गई है।

2. सरकार का मुख्य उद्देश्य

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस नए सेस से होने वाली कमाई (जो लगभग ₹15,000 करोड़ सालाना होने का अनुमान है) को सीधे 'नेशनल हेल्थ मिशन' के फंड में डाला जाएगा। इसका उपयोग कैंसर अस्पतालों के निर्माण और नशा मुक्ति केंद्रों को आधुनिक बनाने में किया जाएगा।

3. बाज़ार और आम जनता पर असर

महंगाई का झटका: प्रीमियम सिगरेट के एक पैकेट की कीमत में ₹15 से ₹30 तक का इजाफा हो सकता है। पान मसाला के पाउच पर भी 50 पैसे से ₹1 की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

शेयर बाज़ार की प्रतिक्रिया: इस खबर के बाद तंबाकू क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे ITC, Godfrey Phillips और VST Industries के शेयरों में आज सुबह के सत्र में 3% से 5% की गिरावट देखी गई। निवेशकों को डर है कि ऊँची कीमतों के कारण बिक्री (Volume) में कमी आ सकती है।

4. विशेषज्ञों की राय: चुनौतियां और संभावनाएं

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स बढ़ाना अच्छा कदम है, लेकिन इससे 'ग्रे मार्केट' (तस्करी) को बढ़ावा मिल सकता है। जब वैध सिगरेट महंगी होती है, तो विदेशी और बिना ब्रांड वाली सिगरेट की तस्करी बढ़ जाती है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है।

«
Next
नई पोस्ट
»
Previous
पुरानी पोस्ट

कोई टिप्पणी नहीं:

Leave a Reply